शनिवार, 29 अगस्त 2026

ब्लैक विडो घोटाला: रूसी सैनिकों से फर्जी शादी कर मौत का मुआवजा हड़पने का खेल

 

यूक्रेन युद्ध के दौरान रूस में एक चौंकाने वाला घोटाला सामने आ रहा है. कुछ महिलाओं पर आरोप है कि वे रूसी सेना में भर्ती होने वाले पुरुषों से जल्दबाजी में शादी कर लेती हैं. फिर जब वे सैनिक मोर्चे पर मारे जाते हैं तो उनकी मौत का सरकारी मुआवजा अपने नाम कर लेती हैं.

 

रूसी अधिकारी और मीडिया इन्हें ब्लैक विडो कहकर पुकार रहे हैं. यह घोटाला न सिर्फ सैनिकों के परिवारों को सदमे में डाल रहा है बल्कि समाज में गुस्से का माहौल भी पैदा कर रहा है. 

 

सेंट पीटर्सबर्ग में रहने वाली 37 वर्षीय मारिया का अनुभव इस घोटाले की तस्वीर साफ करता है. सैन्य अधिकारियों ने उन्हें बताया कि उनके 59 वर्षीय पिता यूरी मोर्चे पर गोली लगने से घायल हुए. बाद में मौत हो गई. मारिया को न तो पता था कि उनके पिता सेना में भर्ती हुए हैं. न ही यह कि उन्होंने सिर्फ दो दिन पहले शादी कर ली थी. 

दुल्हन उनके पिता से 22 साल छोटी थी. कानूनी रूप से अगली उत्तराधिकारी बन गई. मारिया कहती हैं कि मैं अब भी सदमे में हूं. पहले लगा जैसे सपना देख रही हूं. आज भी कभी-कभी लगता है कि यह सब सपना ही था, लेकिन यह सच है. उन्होंने उस महिला से कभी बात नहीं की और तुरंत शक किया कि यह घोटाला है. सीएनएन ने उस विधवा से संपर्क करने की कोशिश की लेकिन जवाब नहीं मिला.

 

जब कोई रूसी सैनिक युद्ध में मारा जाता है तो उसके निकटतम परिजन को सैन्य मुआवजा मिलता है जो पांच लाख रूबल यानी करीब 64 हजार डॉलर से शुरू होता है. यह रकमभर्ती होने वाले सैनिकों को आश्वासन देने के लिए दी जाती है कि अगर सबसे बुरा हुआ तो उनके परिवार का ख्याल रखा जाएगा. लेकिन अब चिंता बढ़ रही है कि इस  सुविधा का दुरुपयोग हो रहा है.

 

हाल के महीनों में रूस में कई ऐसी कहानियां चर्चा में आईं जिनमें भर्ती होने वाले सैनिकों को शादी के जाल में फंसाया गया. कुछ मामलों में तो घायल सैनिकों से अस्पताल में मौत से पहले शादी कर ली गई. एक बड़े मामले में एक नर्स पर आरोप लगा कि उसने अपने देखभाल में आए पांच सैनिकों से शादी की ताकि उनकी मौत के मुआवजा ले सके. बाद में उसे नौकरी से निकाल दिया गया.

 

यह घोटाला रूसी समाज में गहरी नाराजगी पैदा कर रहा है. युद्ध को क्रेमलिन अब भी विशेष सैन्य अभियान कहता है लेकिन घरेलू मोर्चे पर इसकी कीमत साफ दिख रही है. अर्थव्यवस्था खराब हो रही है. ईंधन की कमी है. यूक्रेनी हमले रूसी धरती पर हो रहे हैं . ऐसे में ब्लैक विडो के खिलाफ आवाजें तेज हो रही हैं.

 

रूसी संसद के प्रभावशाली सांसद लियोनिद स्लुत्स्की ने कहा कि विशेष सैन्य अभियान में भाग लेने वाले परिवारों को बेशर्म अपराधियों, तथाकथित ब्लैक विडो, वित्तीय और टेलीफोन घोटालेबाजों से सुरक्षा की जरूरत है. उन्होंने कहा कि ऐसे अपराध अब गंभीर हो रहे हैं. इनकी संख्या भी बढ़ रही है.

 

सरकार की शादी को बढ़ावा देने वाली नीति

 

2022 में यूक्रेन पर बड़े पैमाने के आक्रमण के बाद क्रेमलिन ने भर्ती होने वाले सैनिकों को शादी करने के लिए प्रोत्साहित किया. शायद परिवार का सहारा बढ़ाने या लड़ने की अतिरिक्त प्रेरणा देने के लिए. यह राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की पारंपरिक मूल्यों को बढ़ावा देने वाली नीति के भी अनुरूप था क्योंकि रूस में जनसंख्या घट रही है. 

अधिकारियों ने नए सैनिकों के लिए त्वरित शादी की व्यवस्था की जिसमें सामान्य नोटिस अवधि को हटा दिया गया. राज्य टेलीविजन पर स्थानीय अधिकारियों द्वारा आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रम दिखाए गए. एक सैनिक से शादी करना, खासकर जो जल्द मोर्चे पर भेजा जाने वाला हो, संपत्ति खरीदने का रास्ता भी बन गया.

टॉम्स्क शहर में रियल एस्टेट एजेंट ने एक पॉडकास्ट में चौंकाने वाली सलाह दी. जब होस्ट ने पूछा कि 30 साल की महिला अपार्टमेंट कैसे खरीदे तो एजेंट मरीना ओरलोवा ने हंसते हुए कहा कि एक ऐसा पुरुष ढूंढो जो विशेष सैन्य अभियान में सेवा दे रहा हो. जब वह मारा जाएगा तो तुम्हें आठ लाख रूबल यानी करीब एक लाख दो हजार डॉलर मिल जाएंगे. कई महिलाएं आजकल सस्ते अपार्टमेंट ऐसे ही खरीद रही हैं. यह बिजनेस है. दोनों महिलाओं पर मुकदमा चला, उन्हें लंबी सामुदायिक सेवा की सजा मिली और सैनिकों तथा उनकी पत्नियों से माफी मांगनी पड़ी.

 

कुछ मामलों में अदालतों ने भी हस्तक्षेप किया. रियाज़ान के एक सैनिक जॉर्जी कोस्त्यर्को ने छुट्टी के दौरान एंजेलीना वर्युखिना से मुलाकात की और दस दिन बाद शादी कर ली. मां के अनुसार नई पत्नी जल्द ही दूसरे पुरुषों के साथ तस्वीरें डालने लगीं. बेटा तलाक के लिए आवेदन करने ही वाला था कि मारा गया. पत्नी को मुआवजा मिला. बाद में अदालत ने उसकी उत्तराधिकारी स्थिति रद्द कर दी लेकिन घोटाले ने व्यापक गुस्सा पैदा किया. कुछ मामलों में रूसी सुरक्षा बलों के सदस्य भी शामिल बताए गए. सुदूर पूर्व के प्रिमोर्स्की क्राय में वारंट ऑफिसर, सार्जेंट और सैन्य लेखाकार पर आरोप लगा कि उन्होंने अनाथ और बिना नजदीकी रिश्तेदार वाले कमजोर पुरुषों को भर्ती किया, उनकी शादी करवाई और फिर उन्हें खतरनाक मोर्चे पर भेज दिया जहां मरने की संभावना ज्यादा थी. मुआवजे में हिस्सा लेने का इरादा बताया गया. इस मामले में अभी सार्वजनिक अपडेट नहीं आए हैं.

 

साभार-आज तक

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