महादेव ऐप मामला मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा को सौंपा गया है. महादेव
सट्टेबाजी कांड को अब EOW मुंबई साबित करेगी. इससे पहले माटुंगा पुलिस ने इस मामले में सौरभ चंद्राकर
और अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी. इसी प्रकार ऑनलाइन सट्टा चलाने वाले 32 लोगों के नाम एफआईआर में
है. इस मामले में 15000 करोड़ के घोटाले का आरोप है.
इनपर केस दर्ज
मुंबई पुलिस ने 15,000 करोड़ रुपये के
अवैध जुआ और साइबर धोखाधड़ी से संबंधित मामले में महादेव सट्टेबाजी ऐप के
प्रमोटरों-सौरभ चंद्राकर, रवि उप्पल और
शुभम सोनी- और 29 अन्य पर मामला दर्ज किया है. पुलिस ने मजिस्ट्रेट
अदालत के निर्देश पर ये प्राथमिकी दर्ज की है. पुलिस ने मामले में साइबर आतंकवाद
से जुड़ी धाराएं भी लगाई हैं. महादेव ऐप के प्रमोटर, जो मूल
रूप से भिलाई, छत्तीसगढ़ के रहने वाले हैं, ने हाल
ही में एक बयान में दावा किया था कि उन्होंने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को 500
करोड़ रुपये से अधिक दिए हैं.
छत्तीसगढ़ पुलिस की जांच में क्या निकला?
पीटीआई के अनुसार महादेव ऐप की जांच छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा की गई है,
जिसमें अब तक 72 मामले दर्ज किए
गए हैं और 449 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इसके अलावा,
कथित घोटाले से जुड़े लोगों से 191 लैपटॉप,
865 मोबाइल फोन और 1.50 करोड़ रुपये से
अधिक की संपत्ति और बैंक खातों में 16 करोड़ रुपये
जब्त किए गए हैं. उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में दर्ज मामलों पर प्रवर्तन निदेशालय
(ईडी) ने जांच शुरू की है.
रायपुर पुलिस की साइबर सेल ने 12 अक्टूबर,
2022 को Google को
पत्र लिखकर महादेव ऐप को ब्लॉक करने की मांग की थी, जिसके
बाद सर्च इंजन दिग्गज ने एप्लिकेशन को हटा दिया. छत्तीसगढ़ पुलिस की जांच में पता
चला कि महादेव ऐप के संचालक रवि उप्पल और सौरभ चंद्राकर (वर्तमान में दुबई में)
हैं. इसके बाद, पुलिस ने उनके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया.
Source : ABP Live