सोमवार, 25 नवंबर 2019

हजार करोड़ के बैंक घोटाले का आरोपी शंकर खंडेलवाल गिरफ्तार

 

बिहार में 233 करोड़ का एक और ‘ट्रेजरी महाघोटाला’ उजागर होने पर पक्ष-विपक्ष की सियासत गरमा गई है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्‍वी यादव व जीतनराम मांझी ने मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार पर सीधा हमला बोला है। अपने ट्वीट में तेजस्‍वी ने कहा कि सृजन घोटाला की तरह इस घाटाला में भी 'घोटाला बाबू' की संलिप्‍तता है।

विदित हो कि सीएजी की ऑडिट में बिहार के मुजफ्फरपुर व दरभंगा के जिला नजारत कार्यालय में 233 करोड़ की वित्तीय अनियमितता के दो मामले पकड़े गए हैं। सीएजी रिपोर्ट के अनुसार ये घोटाले वर्ष 2009 से लेकर 2017 तक के बीच के हैं। इसका खुलासा सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी में हुआ है

तेजस्‍वी का ट्वीट
इस घोटाले का जिक्र करते हुए तेजस्‍वी यादव ने ट्वीट किया है कि बिहार में 233 करोड़ का एक और घोटाला हो गया। सभी जिलों की ऑडिट रिपोर्ट आने पर हो सकता है कि यह अब तक का सबसे बड़ा घोटाला हो। इसमें सृजन घोटाले जैसे 35 अन्य घोटालों की तरह “घोटाला बाबू” इसमें भी सम्मिलित हैं।

 ट्वीट के अलावा मीडिया से बातचीत में भी तेजस्‍वी यादव ने तंज कसा कि बिहार में घोटालों की बहार है, क्‍योंकि यहां नीतीश कुमार हैं।


मांझी बोले: नीतीश के संरक्षण में हुआ घोटाला
महागठबंधन के घटक दल हिंदुस्‍तानी अवाम मोर्चा के सुप्रीमो व पूर्व मुख्‍यमंत्री जीतनराम मांझी ने कहा कि यह घोटाला मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार के संरक्षण में हुआ है। इसमें नीतीश कुमार के लोगों की संलिप्‍तता रही है।


मंत्री ने दी सफाई तो जदयू का पलटवार
घोटाला उजागर होने के बाद बैकफुट पर आई सरकार के मंत्री ने सफाई दी तो जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने जवाबी हमला किया।

राज्‍य सरकार में मंत्री सुरेश शर्मा ने कहा कि यह देखना पड़ेगा कि कैसा घोटाला है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। सुरेश शर्मा बिहार सरकार में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कोटे से मंत्री हैं।
उधर, जदयू प्रवक्‍ता अजय आलोक ने  तेजस्‍वी पर पलटवार किया कि जो भ्रष्‍टाचार में पैदा हुआ और पला-बढ़ा, वह किस मुंह से घोटाले की बात कह रहा है। तेजस्‍वी के लिए कहा कि वे तो हमारे (जदयू) टुकड़ों पर उपमुख्‍यमंत्री बन गए थे।

स्रोत – जागरण

बुधवार, 24 जुलाई 2019

प्रवर्तन निदेशालय ने लॉटरी घोटाले में 119 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क कीं


प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) कथित रूप से एक लॉटरी घोटाले में अपनी मनी लांड्रिंग जांच के सिलसिले में 119 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क की हैं। इस लॉटरी घोटाले में सिक्किम सरकार को चूना लगाया गया है। 

ईडी ने लॉटरी क्षेत्र के दिग्गज सांतियागो मार्टिन और उनके सहयोगियों के खिलाफ धन शोधन रोधक कानून (पीएमएलए) के तहत यह शुरुआती आदेश दिया है।। ईडी ने तमिलनाडु के कोयम्बटूर जिले में 88 प्लॉट और 61 फ्लैट कुर्क करने का आदेश दिया है। ईडी ने बयान में कहा है कि कुर्क संपत्तियों का कुल मूल्य 119.6 करोड़ रुपये बैठता है। 

प्रवर्तन निदेशालय ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की प्राथमिकी और आरोपपत्र के आधार पर मार्टिन और उनकी कंपनी फ्यूचर गेमिंग सॉल्यूशंस (अब फ्यूचर गेमिंग एंड होटल सर्विसेज) के खिलाफ आपराधिक मामला दायर किया था। ईडी ने कहा कि मार्टिन और अन्य ने आपराधिक साजिश रचकर लॉटरी नियमन कानून, 1998 के प्रावधानों का उल्लंघन किया और गलत तरीके से फायदा लेकर सिक्किम सरकार के साथ धोखाधड़ी की। 

मार्टिन का परिचालन सिक्किम, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में है। ईडी का आरोप है कि मार्टिन की कंपनी और सरकारी अधिकारियों ने बिक्री से प्राप्त राशि सिक्किम सरकार के सार्वजनिक खाते में नहीं डाली अैर गैरकानूनी तरीके से फायदा लिया। उन्होंने सिक्किम राज्य की लॉटरियों की बिक्री केरल में भी की।

स्रोत - नवभारत टाईम्स